अखंड रामायण कथा पाठ

अखण्ड रामायण पाठ करने व कराने का अमोघ फल प्राप्त होता है। Read More

Price : Rs 4,80,100 +Stage+ Decoration

कहते हैं कि अखण्ड रामायण पाठ गोस्वामीजी के समय में ही होने लगा था । जो कि अब भी कहीं न कहीं होता ही रहता है।

यह पाठ कुछ लोग पुण्य लाभ के लिए तो कुछ कुशल-मंगल अथवा अन्य किसी कामना की सिद्धि के लिए करते हैं । अखण्ड रामायण पाठ के अलावा कई भक्त प्रतिदिन नियम से पाठ करते हैं।

  •  रामायण के पाठ से सभी पापों का अंत होता है।

  • रामकथा कलियुग रूपी सांप के लिए मोरनी के समान है। कलियुग में आप जितना राम का नाम लेंगे, जीवन आपका उतना ही सरल होगा। क्योंकि मोक्ष का केवल एक ही नाम है और वो है केवल राम। अर्थात इस कथा से ज्ञान की प्राप्ति होती है।

  • रामकथा कलियुग में सब मनोरथों को पूर्ण करने वाली कामधेनु गौ के समान है और सज्जनों के लिए सुंदर संजीवनी जड़ी बूटी है। जिस-जिस घर में हर रोज रामयण का पाठ होता है, उस घर में लक्ष्मी सदैव निवास करती है और सुख-शांति बनी रहती है। रामयण का पाठ करने से आपके सभी कार्य पूर्ण होते हैं।

  • रामयण का पाठ पृथ्वी पर अमृत की नदी के समान हैं। यह जन्म-मरण . रूपी भय का नाश करने वाली और भ्रमरूपी मेढ़कों को खाने के लिए . सर्पिणी है। रामयण का पाठ करने से हम संसार रूपी भवसागर से पार पा लेते हैं और कलियुग में राम का नाम ही सर्वोपरि है।

  • रामयण का पाठ पढ़कर सभी तरह के कष्ट और पाप से मुक्ति मिलती है

  • रामायण का पाठ करने से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

अखंड रामायण कथा पाठ-पूजा प्रक्रिया विवरण :-

  • पूजा के लिये दिनों की कुल संख्या : 30 no.

  • पूजा के लिये पंडितों की कुल संख्या : 5 no.

चैरिटी  :  Rs. 4,80,100 + मंच लागत + सजावट

  •  पूजा के लिये समस्त पूजन सामग्री : Rs. 5100 (प्रथम दिन) + 500/पंडित/दिन

  • पूजा के लिये प्रत्येक पंडित को दक्षिणा : Rs. 1100/पंडित/दिन

  • व्यास/ कथा वाचक को दक्षिणा : Rs. 3000/दिन

  •  पूजा के लिये एक दिन का यज्ञशाला/हॉल/टेंट : Rs. 1100/दिन (Optional)                                             के लिये दान

  • पाठ के लिये मूर्ति स्थापना एवं मंच निर्माण : Rs. 500 से Rs. 11000 /दिन (Optional)

  • पाठ के लिये सजावट : Rs. 500 से Rs. 11000 /दिन (Optional)

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